जब से तू मिला है ऐसा लगता है कुछ तो बदला है कहीं,
मुद्दतों बाद दिल में कोई चाहत सी जगी है ।
ये जिंदगी यूँ ही गुज़रे जाती थी,
फिर ख्वाहिशों की आहट सी हुई है कोई।
जब आता है हाथों में तेरा हाथ, दिन खुशगवार हो जाता है,
तेरी नज़रे इनायत से ज़र्रा-ज़र्रा बेशुमार हो जाता है।
माना देख सकते नहीं उस चेहरे को अभी,
पर उन लकीरों की गहराई दिल में महसूस किया करते हैं...

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